Current Affairs

RIP Priyanka Reddy 😢😢 बलात्कार ? हैवानियत ?

November 30, 2019

मौत तो हर दिन किसी न किसी चौराहे पर होती है पर आज ये खबर पढ़कर जो सोशल मीडिया के जरिये हर घर हर फ़ोन तक पहुंची। उसने मुझे इस टॉपिक पर लिखने पर मजबूर कर दिया क्योंकि इस खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया।

दोस्तो मैं सुमित आज फिर आपके सामने एक दिल दहलाने वाली घटना से रूबरू करवाता हूँ । जब मैंने आज सुबह सुबह फेसबुक ओपन किया तो मेरे एक मित्रगण ने #RIPPriyankaReddy के साथ पोस्ट की थी। उसी दौरान मैंने जब इस बात पर गहन अध्ययन किया तो पाया कि प्रियंका रेड्डी तेलंगना की राजधानी हैदराबाद के निकट शादनगर में रहती थी तथा वह कोलेरू में पशु चिकित्सक के पद पर कार्यरत थी । लेकिन 28 नवंबर की रात उनका शव शादनगर के पुल चट्टनपल्ली के निकट पाया गया।

ये सब कैसे हुआ? प्रियंका वीरवार को जब रोजमर्रा की तरह सुबह घर से निकली तो ठीक ठाक थी, पर शाम को एकाएक उसने अपनी छोटी बहन को फ़ोन किया कि उसकी स्कूटी खराब हो गई है और वह डरी हुई है। इसके कुछ देर बाद से उसका फ़ोन बन्द आ रहा था । बाद में एक पुल के पास एक जला हुआ शव मिलता है जिसकी उम्र 20 से 25 साल तक बताई जा रही थी। पहचान करने पर पता चला कि वह शव प्रियंका ही का था।

शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है सोशल मीडिया की मानें तो यह बलात्कार व हत्या का मामला बताया जा रहा है। यह सब किस महत्वाकांक्षा से किया गया, इसका अभी तक पता नही लगाया जा सका है । ऐसी घिनोनी वारदातें पुराने जख्मों को कुरेद देती है। एक तरफ जहाँ समाज में नारी सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात होती है, वही इसी समाज से कुछ अमानवीय प्रवत्ति वाले लोग इन कारनामों से समाज के मुँह पर कालिख पोत देते हैं।

ऐसा पहली बार नही हुआ है। 2012 में दिल्ली में 12 दिसम्बर की वो काली रात जिसने एक निर्भया रेप केस को जन्म दिया। इस वारदात ने पूरे देश को इस मुहिम के खिलाफ एकजुट कर दिया था । ये आंदोलन इस कदर चला कि ठंडे पानी के टेंकर भी इस आंदोलन को ठंडा नही कर पाए थे। ऐसा ही कठुआ में हुआ जहां 8 साल की लड़की के साथ कई दिन बलात्कार हुआ । उन्नाव रेप केस जहाँ 17 साल की लड़की के साथ रेप हुआ।ऐसे ही अनगिनत मामले है ।

एक ऐसी ही भयावह तस्वीर जब सामने आई जब अलीगढ़ में 2 साल की मासूम ट्विंकल के साथ हवस के पुजारियों ने बलात्कार किया। बात सिर्फ इतनी थी कि उसके पापा ने उनके 10000 रुपये देने थे और इस बात का बदला उन लोगो ने एक मासूम से लिया। ये तो वो केस है जो सोशल मीडिया के जरिये हम लोगों तक पहुंचे पर पता नही हर मिनट ऐसी ही कितनी वारदारों को अंजाम दिया जा रहा है। कितने ही भयावह केस हैं जो बदनामी के डर से अपना मुंह बंद कर लेते हैं ।

मेरा सवाल समाज के उन आला ओहदेदारों से है कि कब तक समाज में मासूम बच्चियों के साथ ये सब होता रहेगा? कब तक नारी की अवहेलना ये समाज करता रहेगा ? कुछ लोग कहते हैं कि लड़कियां कपड़े सही नहीं पहनती और तब ये वारदात होती है क्योंकि उनके पहनावे लोगों को भड़काने का काम करते हैं । ऐसे लोगों से मैं पूछना चाहता हूँ कि ये मासूम बच्चियाँ तो ये सब जानती भी नहीं, तब ये सब कैसे हो जाता है, कैसे लोग इन्हें अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं ? हमारे समाज में न्यायपालिका, पुलिस प्रशासन व इतना बड़ा संविधान है, क्या इनका डर लोगो के जहन से निकल गया है ?

कठुआ कांड उन्नाव रेप केस ने पूरे देश को ही नही बल्कि पूरे विश्व को झकझोर दिया था तो हमारी संसद ने क़ानून विधेयक 2018 लेकर आई जिसमे 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार करने वालो के लिए फांसी तक का प्रावधान किया गया । हमारी संसद द्वारा किये गए इस कानून को पूरे विश्व मे सराहा गया व मोदी सरकार का मैं भी धन्यवाद करता हूं। जो कानून बनाया गया है, उसके तहत अगर 2 या 3 लोगो को ही फांसी दी जाए तो शायद ये हवस का कारवां थम जाए । और लोग इस नीच मानसिकता से उभर सकें। लोगो के मन में इस बात के प्रति सवेंदना होनी चाहिए कि क्या ये मानवीय है या अमानवीय । अगर यही उनके माँ बहन बेटी के साथ हो तो क्या होगा? लोगो में एक बदलाव की जरूरत है ।

कभी कभी ये भी विचार आता है कि क्या कोई है जो बलात्कार करने जैसी सोच रखने वालों की मानसिकता को ही बदल दे ।

करता हूँ कि आप सबको ये बात सही लगी है। अगर हाँ तो आप इसे समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाए ताकि और कोई निर्आभया, आशिफ़ा, ट्विंकल न बने ।

Contributor of this article: Mr. Sumit, @1313daksh

You Might Also Like

No Comments

Leave a Reply